टीएलसी (TLC) क्या होता है? | What Is TLC In Hindi

आज मैं आपको इसके बारे में बताऊंगा कि आखिरकार TLC क्या होता है (tlc kya hota hai), TLC test kya hota hai, TLC क्यों घटता है या बढ़ जाता है तथा घटने या बढ़ने के कारण इससे हमें क्या क्या परेशानी हो सकती है, क्या होता अगर टीएलसी अधिक है

आप लोगों ने TLC का नाम तो जरूर सुना होगा बहुत सुनने में मिलता है कि किसी व्यक्ति में TLC बढ़ जाता है या फिर घर जाता है जिसकी वजह से उन्हें काफी परेशानी होती है।

और अंत में मैं आपको बताऊंगा कि हम TLC को सामान्य कैसे रख सकते हैं जिससे कि हमें कोई भी परेशानी ना हो, टीएलसी बढ़ने पर क्या खाना चाहिए?


टीएलसी (TLC) क्या है? (what is TLC test in hindi)

test

TLC का पूरा नाम है Total Leucocytes Count.

हमारे शरीर में दो प्रकार के रक्त कोशिकाएं पाई जाती है।

लाल रक्त कोशिकाएं जिसे कि हम Leucocytes के नाम से जानते हैं। यह हमारे शरीर में विभिन्न अंगों में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करती है।

श्वेत रक्त कोशिकाएं जिसे कि हम Erythrocytes के नाम से जानते हैं यह हमारे शरीर की सुरक्षा की ध्यान रखता है यानी कि जब भी हमारे शरीर में किसी भी प्रकार की कीटाणु या जीवाणु हमारे शरीर में घुसने का प्रयास करते हैं तो यह उन्हें हमारे शरीर से मार कर बाहर निकाल देता है।

लेकिन इस दौरान काफी मात्रा में श्वेत रक्त कोशिकाओं नष्ट हो जाती है और जिसके चलते भविष्य में हमारे शरीर में TLC की कमी होते हुए देखा जाता है। हमारे शरीर में TLC बढ़ने का मतलब यह है कि हमारे शरीर में श्वेत रक्त कोशिकाएं हमारे शरीर में घुस चुके कीटाणु या जीवाणु से लड़ रहे होते हैं उन्हें बाहर निकालने की कोशिश कर रहे होते हैं।

यानी कि यह दर्शाता है कि हमारे शरीर की इम्यून सिस्टम सही तरीके से काम कर रही है जो कि अच्छी बात है।


TLC टेस्ट क्या है? (Total Leukocyte Count in hindi)

tlc test kya hota hai – टीएलसी टेस्ट में आपके शरीर में मौजूद श्वेत रक्त कोशिकाओं की मात्रा देखी जाती है की प्रति एक सौ मिलीलीटर खून में कितनी श्वेत रक्त कोशिका उपलब्ध है। एक साधारण शरीर में TLC 4000  से 11000 per/100ml तक होती है।


टीएलसी टेस्ट क्यों किया जाता है?

बहुत बार ऐसा होता है कि डॉक्टर द्वारा हमें टीएलसी टेस्ट कराने के लिए कहा जाता है तो आइए जानते हैं कि आखिरकार हमें टीएलसी टेस्ट कराने की जरूरत क्यों पड़ती है आखिरकार टीएलसी टेस्ट के द्वारा उन्हें क्या पता चलता है तथा यह टेस्ट इतनी जरूरी क्यों है।

  1. बहुत बार ऐसा होता है कि हम किसी बीमारी के शिकार हो जाते हैं और साधारण मिलने वाली दवाई से उसका इलाज नहीं हो पाता है इस स्थिति में डॉक्टर द्वारा सुझाव दिया जाता है कि हमें टीएलसी टेस्ट कराना होगा ताकि डॉक्टर जान सके कि हमारे शरीर में कौन सी बीमारी है और किस वायरस या व्यक्ति या से हमारा शरीर संक्रमित है।
  2. अगर हमारे शरीर में कभी भी रक्त से जुड़ी किसी भी प्रकार की कोई बीमारी होती है तो हमें टीएलसी टेस्ट कराने की आवश्यकता होती है क्योंकि टीएलसी टेस्ट के माध्यम से ही हमें पता चल पाता है कि हमारे रक्त में किस प्रकार का संक्रमण है ताकि हमारा इलाज सही से हो सके।
  3. बहुत बार ऐसा होता है कि हमें किसी चीज से एलर्जी होने लगती है एलर्जी किसी भी प्रकार की हो सकती है हो सकता है कोई खाने की सामग्री हो कोई आवाज हो या कोई ऐसी वस्तु जिसे देखने पर हमें एलर्जी महसूस होता हो इस स्थिति में भी हमें टीएलसी टेस्ट करवाने की आवश्यकता पड़ती है इससे डॉक्टर को बीमारी समझने में आसानी होती है।
  4. अगर कभी हमारे शरीर के किसी अंग या किसी भाग में सूजन हो जाए और वह जल्दी से ठीक ना हो तो इस स्थिति में भी डॉक्टर द्वारा टीएलसी टेस्ट करवाने की मांग की जाती है।
  5. रक्त कैंसर जैसी अवस्था में भी हमें टीएलसी टेस्ट करवाने की आवश्यकता होती है।
  6. बुखार सिर दर्द इत्यादि बीमारी में भी हमें टीएलसी टेस्ट कराने की आवश्यकता होती है।

तो आप लोगों को पता चल गया होगा कि हमें टीएलसी टेस्ट करवाने की आवश्यकता क्यों होती है तथा टीएलसी टेस्ट क्यों करवाया जाता है आगे हम टीएलसी के बारे में और जानेंगे।

TLC के बढ़ने का कारण क्या है?

टीएलसी (TLC) की मात्रा क्यों बढ़ जाती है?

  • हमारे शरीर में TLC तभी बढ़ती है जब हमारी शरीर में किसी प्रकार का कोई जीवाणु का संक्रमण हुई हो।
  • अगर हमारे शरीर में किसी जगह चोट लग जाए तो इससे भी TLC बढ़ जाती है।
  • पेन किलर जैसी दवाइयों का सेवन करने से भी TLC बहुत ज्यादा बढ़ जाती है।
  • गर्भावस्था के दौरान TLC बढ़ जाती है।
  • अत्यधिक मात्रा में काम करना या व्यायाम करने से भी TLC बढ़ जाती है।

अगर आपके शरीर के किसी हिस्से में कोई चोट लग जाए और सही समय पर आप इलाज नहीं कराते हैं तो TLC बढ़ने का खतरा बना रहता है। चोट किसी भी प्रकार का हो सकता है वह अंदरूनी भी हो सकती है या बाहरी भी हो सकती है।


TLC घटने का क्या कारण है?

TLC घटने का मतलब यह है कि शरीर में मौजूद श्वेत रक्त कोशिकाओं की मात्रा धीरे-धीरे घट रही है।

  • किसी मेडिकल चेकअप के दौरान अगर आपके शरीर से बार-बार रेडिएशन को गुजारा जाता है तो इससे भी आपकी TLC घट जाती है।
  • अगर आप ऐसे खाद्य पदार्थ का सेवन करेंगे जिसमें कि उर्वरक या पेस्टिसाइड बहुत ज्यादा मात्रा में मिलाया गया है तो इस स्थिति में भी आपकी शरीर की TLC काफी बढ़ जाती है।
  • किसी बाहरी वायरस के कारण हमारे शरीर में मौजूद बोन मैरो प्रचुर मात्रा में Leucocytes नहीं बना पा रही है जिसके चलते शरीर का TLC घट जाता है।

TLC कम होने पर नुकसान

आइए जानते हैं कि यहां टीएलसी घटने से क्या मतलब है, टीएलसी कम होने से क्या होता है? टीएलसी घटने का मतलब है हमारे शरीर में श्वेत रक्त कोशिकाओं की कमी होना।

हर एक उम्र के लोगों में एक औसत श्वेत रक्त कोशिकाएं होती है अगर हमारे शरीर में श्वेत रक्त कोशिकाओं में औसत मान से कम हो जाए तो हम मान सकते हैं कि हमारे शरीर में टीएलसी घट गई है। नीचे कुछ कारण दी गई है जिससे कि हमारे शरीर में टीएलसी काउंट घट जाती है।

  • TLC की कमी के कारण जब भी हमारे शरीर में किसी जीवाणुओं का संक्रमण होता है तो उस वक्त हमारा शरीर जीवाणुओं से लड़ नहीं पाता है जिसके चलते हम बहुत ज्यादा मात्रा में बीमार रहने लगते हैं।
  • हमारे शरीर के किसी अंग में इंफेक्शन होने पर वह जल्दी से ठीक नहीं होते या ठीक होने में बहुत अधिक समय लग जाती है।
  • इसकी कमी से हमें कमजोरी का एहसास होने लगता है हमारा किसी भी काम को करने में मन नहीं लगता है।

सिर्फ शारीरिक नहीं मानसिक तौर पर भी TLC की कमी के कारण बुरा प्रभाव पड़ता है।

  • किसी भी काम को करने में मन नहीं लगना।
  • काम करते वक्त बहुत जल्दी थक जाना।
  • अत्याधिक नींद का आना।
  • खाने पीने में कम रुचि होने लगती है।

टीएलसी कम होने पर क्या खाना चाहिए?

  • गाजर
  • स्क्वैश जैतून का तेल
  • बादम, और संतरा 
  • टमाटर
  • मिर्च

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TLC को संतुलित कैसे रखें?

आपके शरीर में किसी भी प्रकार की कोई कीटाणु या जीवाणु का संक्रमण होने पर जितनी जल्दी हो सके अपना इलाज कराएं।

हमेशा हरी साग सब्जी का ही सेवन करें तथा ऐसे साथ सब्जी से दूर रहे जिनमें की बहुत ज्यादा मात्रा में पेस्टीसाइड या उर्वरक का इस्तेमाल किया जा रहा है हमेशा मौसमी खाद्य पदार्थ का ही सेवन करें।

अपनी दिनचर्या को संतुलित रखें अर्थात समय समय पर खाना खाएं पानी पिए तथा नींद जो कि सबसे ज्यादा जरूरी है यह आपको लेने ही है कम से कम आपको रात्रि में 7 घंटे की नींद तो लेनी ही चाहिए। तनाव वाली जिंदगी से दूर रहें।

शरीर में कहीं भी चोट लग जाने पर जितनी जल्दी हो सके उस चोट का इलाज कराएं तथा उसके लिए एंटी बायोटिक्स का इस्तेमाल जरूर से जरूर करें एवं चोट के स्थान को पानी से दूर रखें।


TLC को नियमित रखने के लिए किस दवाई का इस्तेमाल करना चाहिए?

अगर आप डॉक्टर से मिलेंगे तो वह आपको बहुत से अलग-अलग प्रकार की दवाई देंगे जिससे कि TLC को संतुलित किया जाता है इसके बावजूद भी कुछ साधारण दवाई उपलब्ध है जो कि आप खुद ही बाजार में जाकर खरीद सकते हैं जैसे कि

  • Avena Sativa – Q – इस दवाई का इस्तेमाल आप एक गिलास दूध में 10 बूंद इस दवाई को मिलाकर पूरे दिन भर में 3 बार पी सकते हैं।
  • Bio Combination- 27No

इंटरनेट में दी गई किसी भी दवाई के सेवन करने से पहले डॉक्टर के सलाह जरूर लें डॉक्टर से पूरी तरह से सलाह लेने के बाद ही आप किसी भी प्रकार का कोई भी दवाई का सेवन करें अन्यथा यह आपके लिए नुकसान भी हो सकती है।

Conclusion

यहां तक पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद मुझे उम्मीद है कि मेरे द्वारा दी गई जानकारी आप सभी लोगों को अच्छी तरह से समझ में आ गए होगे।

इससे जुड़ी कोई भी सवाल आपके मन में हो तो आप हमें कमेंट में पूछ सकते हैं। आज हमने जाना कि TLC kya hota hai.

13 thoughts on “टीएलसी (TLC) क्या होता है? | What Is TLC In Hindi”

  1. Sir mere papa ko tlc 30.5 h hme Kya treatment Lena chahiye Dr dwa de rhe h pr control Ni Ho rha h hmare papa ko diabetes b h

  2. Ramkumar 34/ year

    Sir meri tlc 3.30 ho hai jo ki kam aur platelets bhi 102.0 ho koi upay btane ki kripa krein ghabrane wali bt to ni hai sir

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