ब्लड ग्रुप कितने प्रकार के होते हैं? (Blood group kitne prakar ke hote hain)

ब्लड ग्रुप कितने प्रकार के होते हैं? इंसानी ब्लड के कितने ग्रुप होते हैं? (Blood group kitne prakar ke hote hain) या Type Of Blood Group In Hindi.

दोस्तों अगर हमें कोई ऐसी बीमारी होती है जिससे हमारे शरीर में रक्त की मात्रा कम हो जाए या कई बार दुर्घटना में चोटिल होने पर भी शरीर से ज्यादा खून बह जाने पर हमारे शरीर में खून की कमी हो जाती है। इसके अलावा एनीमिया जैसी बीमारी में भी खून की कमी होती है एवं डॉक्टर ऐसी दवाइयां और ऐसे भोजन करने को कहते हैं जिससे शरीर में खून की मात्रा बढ़े।

दोस्तों लाल रक्त कोशिका जिसे आरबीसी यानी रेड ब्लड सेल्स भी कहते हैं उसकी सतह पर उपस्थित आनुवंशिक प्रति जनित पदार्थ के उपस्थिति या अनुपस्थिति के आधार पर ब्लड ग्रुप्स यानी रक्त समूह का वर्गीकरण किया जाता है। प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट ग्लाइकोप्रोटीन या ग्लाइकोलिपिड जैसे कुछ अन्य प्रकार के तत्व रक्त समूह तंत्र के आधार होते हैं।

ज्यादातर लाल रक्त कोशिकाओं की सत्ता के प्रति जन जो बहुत नजदीकी से जुड़े हुए जिन होते हैं उनसे उत्तपन्न होकर सामूहिक रुप से एक रक्त समूह तंत्र बनाते हैं। दोस्तों आपका रक्त किस ग्रुप का होगा यह बात वंशागत निर्भर करती है। शिशु में रक्त समूह का प्रकार माता व पिता दोनों के योगदान पर निर्भर करता है।

यह जरूरी नहीं कि आपका ब्लड ग्रुप आपके पिता या आपके माता के ब्लड ग्रुप से सेम होगा। अब तक कुल 30 मानव रक्त समूह तंत्र की पहचान अंतर्राष्ट्रीय रखता द सोसाइटी यानी आईएसबीटी (आईएसबीटी) के द्वारा की जा चुकी है। ऐसा अक्सर होता है कि बच्चे का ब्लड ग्रुप अपनी माता के ब्लड ग्रुप से मेल नहीं होता। मां भरुनिय लाल रक्त कोशिकाओं के विपरीत प्रतिरक्षीयों का निर्माण कर सकती है।

ब्लड ग्रुप कितने प्रकार के होते हैं? (Type Of Blood Group In Hindi)

दोस्तों आज इस लेख में हम मुख्य रूप से ब्लड ग्रुप यानी रक्त समूह के कुल कितने प्रकार होते हैं (blood group kitne prakar ke hote)

दोस्तों हमारा ब्लड ग्रुप क्या होगा इसका निर्धारण हमें हमारे माता-पिता से प्राप्त होने वाली जीन पर निर्भर करता है। दोस्तों इन चार रक्त समूह में हर रक्त समूह आरएचडी (RhD +) और आरएचडी नेगेटिव (RhD -) होता है। यानी ए(A)रक्त समूह में आपका रक्त समूह ए पॉजिटिव या नेगेटिव हो सकता है,बी में बी(B) पॉजिटिव या बी नेगेटिव हो सकता है एबी(AB) मैं एबी नेगेटिव या एबी पॉजिटिव हो सकता है एवं ओ(O) मैं भी ओ पॉजिटिव और नेगेटिव हो सकता है। यानी इस तरह कुल मिलाकर कहा जा सकता है की रक्त समूह के कुल 8 प्रकार होते हैं। रक्त समूह यानी ब्लड ग्रुप के आठो प्रकार निम्नलिखित हैं-

  1. A rhd पॉजिटिव A±
  2. A rhd नेगेटिव A-
  3. B rhd positive B+
  4. B rhd negative B-
  5. AB rhd positive AB+
  6. AB rhd negative AB-
  7. O rhd positive O+
  8. O rhd negative O-

आइए अब एक-एक करके इन ब्लड ग्रुप्स के बारे में संक्षिप्त में जानते हैं अगर आपका ब्लड ग्रुप इनमें से कोई भी एक है तो आप अन्य किस किस ग्रुप के व्यक्ति को अपना रक्तदान कर सकते हैं एवं अन्य किस-किस ब्लड ग्रुप के व्यक्ति आपको अपना रक्तदान कर सकते हैं।

Blood Group Kitne Prakar Ke Hote Hain

A rhd positive A+

अगर आपका ब्लड ग्रुप ए में ए पॉजिटिव है तो आपके खून के लाल रक्त कोशिकाओं पर ए एंटीजन एवं प्लाज्मा में बी एंटीबॉडी पाया जाएगा। A+blood group का व्यक्ति ए प्लस और ए बी प्लस वाले ब्लड ग्रुप के व्यक्ति को अपना रक्तदान कर सकता है एवं ए प्लस ए माइनस, O प्लस एवं ओ माइनस वाले ब्लड ग्रुप के व्यक्ति से रक्तदान ले सकता है।

2. A rhd नेगेटिव A-

ब्लड ग्रुप ए नेगेटिव होने पर भी आपके खून के लाल रक्त कोशिकाओं पर एंटीजन एवं प्लाज्मा में बी एंटीबॉडी पाया जाएगा। A-रक्त समूह का व्यक्ति ए प्लस ए माइनस ए बी प्लस एवं एबी माइनस रक्त समूह वाले व्यक्ति को रक्तदान कर सकता है तथा ए माइनस एवं ओ माइनस वाले रक्त समूह वाले व्यक्ति से रक्त ले सकता है।

3. B rhd positive B+

रक्त समूह बी में ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव होने पर आपके रक्त में रेड सेल्स पर बी एंटीजन और प्लाज्मा में ए एंटीबॉडी पाया जाएगा। B Plus रक्त समूह वाला व्यक्ति बी प्लस और ए बी प्लस  रक्त समूह वाले व्यक्तियों को रक्तदान कर सकता है एवं बी प्लस बी माइनस ओ प्लस एवं ओमाइनस रक्त समूह वाले व्यक्तियों से रक्त ले सकता है।

4. B rhd negative B-

B negative मे भी आपके लाल रक्त कोशिकाओं पर भी एंटीजन और प्लाज्मा में एंटीबॉडी पाया जाएगा। बी नेगेटिव ब्लड ग्रुप वाला व्यक्ति बी Plus बी- a b Plus और ab -रक्त समूह वाले व्यक्तियों को अपना रक्तदान कर सकता है एवं बी माइनस एवं ओ माइनस रक्त समूह वाले व्यक्तियों से रक्त ले सकता है।

5. AB rhd positive AB+

अगर आपका रक्त समूह ब्लड ग्रुप एबी में पॉजिटिव है तो आपके रक्त के लाल रक्त कोशिकाओं पर ए और बी दोनों एंटीजन और प्लाज्मा में ए और बी में से कोई भी एंटीबॉडी नहीं पाया जाएगा। A b Plus रक्त समूह वाला व्यक्ति सिर्फ ए बी प्लस वाले रक्त समूह वाले व्यक्ति को ही रक्त दान कर सकता है एवं यह किसी भी ब्लड ग्रुप वाले व्यक्ति से रक्त ले सकता है।

6. AB rhd negative AB-

रक्त समूह एबी में एबी नेगेटिव होने पर भी आपके रेड ब्लड सेल्स पर ए तथा बी एंटीजन और प्लाज्मा में ए और बी में से कोई भी एंटीबॉडी नहीं पाया जाता। A b negative रक्त समूह वाला व्यक्ति ए बी प्लस एवं एबी माइनस रक्त समूह वाले व्यक्ति को रक्तदान कर सकता है तथा एबी माइनस ए माइनस बी माइनस एवं ओमाइनस रक्त समूह वाले व्यक्तियों से रक्त ले सकता है।

7. O rhd positive O+

रक्त समूह में ओ पॉजिटिव होने पर आपके रेड सेल्स पर ए और बी दोनों में से कोई भी एंटीजन नहीं पाए जाते एवं प्लाज्मा में ए और बी दोनो एंटीबॉडी पाए जाते हैं। O positive रक्त समूह वाला व्यक्ति ओ प्लस ए प्लस बी प्लस और ए बी प्लस रक्त समूह वाले व्यक्ति को रक्तदान कर सकता है एवं ओ प्लस और ओ माइनस रक्त समूह वाले व्यक्ति से रक्त ले सकता है।

8. O rhd negative O-

O- रक्त समूह वाले होने पर भी आपके रेड सेल्स पर ए और भी दोनों में से कोई भी एंटीजन नहीं पाए जाते और प्लाज्मा में और भी दोनों एंटीबॉडी पाए जाते हैं। O negative रक्त समूह वाला व्यक्ति हर किसी रक्त समूह वाले व्यक्ति को रक्तदान कर सकता है परंतु सिर्फ ओ नेगेटिव रक्त समूह वाले व्यक्ति से ही रक्त ले सकता है।

दोस्तों इन आठ रक्त समूह में से O- यानी ओ आर एच डी नेगेटिव ब्लड ग्रुप को यूनिवर्सल ब्लड डोनर कहते हैं यानी इस रक्त समूह का व्यक्ति किसी भी दूसरे रक्त समूह के व्यक्ति को रक्तदान कर सकता है। एवं AB+यानी एबी आरएचडी पॉजिटिव रक्त समूह को Universal acceptor कहते हैं।AB+ब्लड ग्रुप के व्यक्ति का शरीर किसी भी अन्य ब्लड ग्रुप के ब्लड को स्वीकार कर लेता है।

ब्लड ग्रुप जानना क्यों जरूरी है?

दोस्तों किसी के शरीर में खून की कमी होने पर ब्लड बैंक से खून लेकर उस व्यक्ति को चढ़ाया जाता है। इसके अलावा कोई अन्य व्यक्ति भी उस व्यक्ति विशेष के लिए अपना रक्तदान कर उसे अपना रक्त प्रदान कर सकता है। परंतु कोई भी व्यक्ति किसी भी व्यक्ति को यूं ही अपना रक्त नहीं दे सकता। उस व्यक्ति का शरीर उस व्यक्ति के ब्लड ग्रुप के ग्रुप का ही ब्लड स्वीकार करता है। हर व्यक्ति का ब्लड ग्रुप यानी रक्त समूह एक समान नहीं होता। रक्त के मेडिकल जांच से उस ब्लड के ग्रुप का पता लगाया जाता है। यानी किसी व्यक्ति को रक्त की आवश्यकता पड़ने पर उससे अपने ब्लड ग्रुप का पता होना चाहिए जिसके बाद वाह उसी ग्रुप का ब्लड, ब्लड बैंक से या किसी अन्य व्यक्ति जिसका blood group same हो उस से ले सकता है।

Conclusion

दोस्तों आज के साथ एकल में हमने ब्लड ग्रुप कितने प्रकार के होते हैं इसके बारे में जाना है। इस आर्टिकल में हमने ब्लड ग्रुप कितने प्रकार के होते हैं, ब्लड ग्रुप के बारे में जानना क्यों जरूरी है और हमें इसके बारे में क्यों जानना चाहिए इसके बारे में विस्तार से जाना है इस आर्टिकल में मैंने आपको हर एक ब्लड ग्रुप के बारे में विस्तार से बताया है हम सभी को अपने ब्लड ग्रुप और सभी ब्लड ग्रुप के बारे में जानना बहुत जरूरी है क्योंकि यह कभी ना कभी हमारे काम में जरूर आती हैं और हम सभी लोगों को ब्लड ग्रुप के बारे में जानना बहुत ही जरूरी है मुझे उम्मीद है कि इस आर्टिकल को पढ़कर आपको सारे ब्लड ग्रुप के बारे में अच्छी जानकारी मिली होगी।

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