हेल्थ इंश्योरेंस क्या होता है? | Health insurance in hindi

आज हम जानेंगे कि हेल्थ इंश्योरेंस क्या होता है? (Health insurance kya hai) या हेल्थ इंश्योरेंस का मतलब क्या होता है (Health insurance in hindi) तथा हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़े जितने भी प्रकार के प्रश्न आपके मन में है उन सभी प्रश्नों के उत्तर देने की मैं कोशिश करूंगा?

Health insurance क्या है? (Health insurance kya hai)

Health insurance kya hai

सीधे शब्दों में हेल्थ इंश्योरेंस का मतलब होता है की किसी भी प्रकार की  मेडिकल स्थिति यानी आपके स्वास्थ्य से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या, कोई बीमारी  या कोई दुर्घटना जैसी आपातकालीन स्थिति होने पर उसके इलाज के लिए जो भी खर्च आएगा वह आपको नहीं देना होगा बल्कि आपने जिस कंपनी का हेल्थ इंश्योरेंस ले रखा है वह कंपनी उसका पूरा खर्च व्यय करेगी। यानी Health insurance यह insure करता है कि आपका स्वास्थ्य ठीक रहे।

हेल्थ इंश्योरेंस का लाभ कैसे उठाएं?

हेल्थ इंश्योरेंस का लाभ लेने के लिए आपको पहले किसी कंपनी जोकि हेल्थ इंश्योरेंस उपलब्ध कराती है उसका इंश्योरेंस खरीदना होता है। कंपनियां अलग-अलग प्रकार के इंश्योरेंस उपलब्ध कराती है जिनमें आपको अलग-अलग अमाउंट पे करना होता है एवं आपने किस प्रकार के हेल्थ इंश्योरेंस का चुनाव किया है उसी अनुसार यह निर्धारित होता है कि आपको आपके इलाज में कितने तक का खर्च कंपनी देगी। Health insurance लेते समय आप अपनी आवश्यकतानुसार अपने लिए सही इंश्योरेंस का चुनाव कर सकते हैं जिसमें आपको यह सब बताया जाता है कि आपको कितने समय-समय पर एक निर्धारित राशि देनी होगी एवं इलाज के समय कितने तक का खर्च कंपनी व्यय करेगी। 

स्वास्थ्य संबंधित समस्या कभी भी, किसी को भी हो सकती है एवं आज के समय में अच्छे अस्पतालों में अच्छे इलाज के लिए काफी खर्च आता है जिसका भुगतान कर पाना हर किसी के लिए अचानक संभव नहीं हो पाता है, ऐसी ही परिस्थिति में हेल्थ इंश्योरेंस काम में आता है, यदि उस व्यक्ति ने हेल्थ इंश्योरेंस ले रखा है तो  इलाज के लिए उसे अपनी जेब से पैसे खर्च करने की आवश्यकता नहीं होती, पूरा खर्च इंश्योरेंस कंपनी देती है। Health insurance आपकी मेडिकल एवं सर्जिकल खर्च आदि को कवर करता है यानी इनमें होने वाले खर्च हेल्थ इंश्योरेंस में ही कवर कर लिया जाता है।

यदि आप किसी रोग से ग्रसित होते हैं या दुर्भाग्यवश आपके साथ किसी प्रकार की दुर्घटना घटती है तो उसके बाद हॉस्पिटल में एडमिट होने पर डॉक्टर की फीस, मेडिकल बिल, ऑपरेशन चार्ज, nursing charge, सर्जरी चार्ज इत्यादि जैसे सारे खर्चे आपकी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी हॉस्पिटल को कैशलेस तरीके से भुगतान कर देती है।

Health insurance के प्रकार (Type Of health insurance)

यदि बात करें हेल्थ इंश्योरेंस कितने प्रकार के होती है तो इसे मुख्यता 3 भागों में बांट कर देखा जा सकता है-

  • Individual health insurance
  • Family flotar
  • Senior citizen health insurance
Health insurance kitne prakar ke hote hai

सबसे पहला होता है इंडिविजुअल हेल्थ इंश्योरेंस जिसका अर्थ है कि  यह इंडिविजुअल यानी सिर्फ किसी एक व्यक्ति के लिए ही होता है, यदि आप सिर्फ अपने लिए हेल्थ इंश्योरेंस लेना चाहते हैं तो आप इंडिविजुअल हेल्थ इंश्योरेंस लेते हैं जिसमें इंश्योरेंस कंपनी सिर्फ आपकी हेल्थ और सिर्फ आप के इलाज के लिए होने वाले खर्च का भुगतान करती है। इसमें आपके अलावा आपके परिवार के किसी अन्य सदस्य की मेडिकल स्थिति होने पर यह उनके इलाज में होने वाले खर्च को कवर नहीं करेगा।

दूसरा होता है family floater यानी यह हेल्थ इंश्योरेंस आप अपनी पूरी फैमिली के लिए लेते हैं इसमें आपकी फैमिली के किसी भी सदस्य की मेडिकल स्थिति होने पर इंश्योरेंस कंपनी उसके इलाज में होने वाले खर्च का व्यय करती है। फैमिली का यहां मतलब होता है आप, आपकी पत्नी और अधिकतम 3 बच्चे यानी कुल मिलाकर यह पांच सदस्य के हेल्थ इंश्योरेंस को कवर करता है। Family flotar इंश्योरेंस खरीदने पर आपको उसी के अनुसार राशि देनी होती है एवं आपके परिवार में से किसी भी सदस्य के hospitalize होने पर उसका खर्च इंश्योरेंस में कवर हो जाता है।

इसके बाद आता है senior citizen health insurance जिसमें सीनियर सिटीजंस यानी जिन की उम्र 60 वर्ष से अधिक की हो गई है उनका हेल्थ इंश्योरेंस होता है। यानी इसमें आपके माता पिता सम्मिलित हो जाते हैं। साथ ही घर के किसी अन्य सीनियर सिटीजन के लिए भी आप इस इंश्योरेंस का चुनाव कर सकता है सकते हैं इसके लिए भी आपको निर्धारित प्रीमियम भरना होता है एवं अलग-अलग इंश्योरेंस के हिसाब से इसका लाभ लेने वालों को अलग-अलग प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जाती है।

सालाना प्रीमियम देना होता है

आपने अपने जरूरत के हिसाब से और अपनी सुविधा अनुसार जिस हेल्थ इंश्योरेंस का चुनाव किया है आपको उसके विषय में पूरी जानकारी  दी जाती है, जैसे आपको इसमें कितने तक का कवर दिया जाएगा एवं इसके लिए आपको कितनी राशि भुगतान के तौर पर कंपनी को देना होगा। Health insurance खरीद लेने के बाद आपको सामान्यत: सालाना उसका प्रीमियम भरना होता है जिसका अर्थ है कि आपको सालाना एक निर्धारित  रकम (जोकि अपने किस health इंश्योरेंस का चुनाव किया है उस पर निर्भर करता है) देना होता है। यह आपके उम्र पर भी निर्भर करता है एवं आपके परिवार में सदस्यों की संख्या कितनी है इस पर भी निर्भर करता है।

जाहिर है कि कोई भी कंपनी आपको मुफ्त में इलाज का खर्च क्यों देगी, आप समय-समय पर, सालाना एक निर्धारित राशि इंश्योरेंस कंपनी को प्रीमियम भरने के रूप में देते हैं, जिससे वह कंपनी यह इंश्योर करती है की जरूरत के समय स्वास्थ्य पर होने वाले खर्च का व्यय वह कंपनी करेगी।

Health insurance कैसे ले सकते हैं?

अरे बात करें हेल्थ इंश्योरेंस लेने की तो इससे आप ऑफलाइन या ऑनलाइन दोनों में से किसी भी प्रकार से ले सकते हैं-

Health insurance kaise le

Offline health insurance लेने के लिए आप किसी हेल्थ इंश्योरेंस एडवाइजर से सलाह ले सकते हैं जो कि आपको उपलब्ध विभिन्न प्रकार के हेल्थ इंश्योरेंस की जानकारी देता है उनसे संबंधित हर प्रकार के बातों के बारे में आपको जानकारी देता है  एवं आपके लिए या आपके परिवार के लिए कौन सा हेल्थ इंश्योरेंस सबसे बेहतर होगा इन सभी बातों पर सलाह देता है। इसके लिए आपको कुछ डाक्यूमेंट्स की आवश्यकता पड़ती है एवं इससे संबंधित फार्म आदि भरना होता है।

आजकल के समय में बहुत से लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करने लगे हैं जिससे वर्तमान में ऑनलाइन भी आप हेल्थ इंश्योरेंस ले सकते हैं जिसके लिए आप जिस भी कंपनी का हेल्थ इंश्योरेंस लेना चाहते हैं उस कंपनी के वेबसाइट पर जाकर उपलब्ध सभी हेल्थ इंश्योरेंस की पूरी जानकारी  देख सकते हैं एवं उसके बाद अपनी आवश्यकता और सुविधा अनुसार उसमें से चुनाव कर सकते हैं। आपको हर प्रकार की जानकारी उस कंपनी की वेबसाइट पर प्रदान की जाती है। इसके लिए भुगतान भी आप ऑनलाइन तरीके से भी कर सकते हैं।

Health insurance की कंपनियां

वर्तमान में बहुत सी कंपनियां को हेल्थ इंश्योरेंस उपलब्ध कराती है। Star health insurance कंपनी वर्तमान में काफी चर्चित कंपनी है जोकि हेल्थ इंश्योरेंस उपलब्ध कराती है। इसके अलावा HDFC ERGO भी एक अच्छी और चर्चित हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी है। CIGNA, ICICI LOMBARD आदि जैसी कंपनियां भी है जो अच्छे हेल्थ इंश्योरेंस प्लांस उपलब्ध कराती है। इन सभी अलग-अलग कंपनियों से हेल्थ इंश्योरेंस लेने पर आपको कुछ अलग अलग सुविधाएं दी जाती है, एवं आपको इनमें से जिनका भी हेल्थ इंश्योरेंस सही लगता है, आपको जिस कंपनी पर विश्वास है उस अनुसार आप अपने या अपने परिवार के लिए हेल्थ इंश्योरेंस ले सकते हैं।

Cashless benifit

हेल्थ इंश्योरेंस लेने पर आपको इसमें कैशलेस बेनिफिट की सुविधा मिलती है। इसका मतलब होता है की आप जब कोई हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते हैं तो उसके साथ आपको एक नेटवर्क हॉस्पिटल्स की सूची दी जाती है इसका मतलब होता है कि आपने जिस कंपनी से हेल्थ इंश्योरेंस खरीदा, उस कंपनी ने उस सूची में दिए हुए अस्पतालों के साथ संपर्क रखा होता है एवं कोई स्वास्थ्य संबंधित मेडिकल स्थिति होने पर यदि आप  उस सूची में दिए हुए अस्पतालों में से किसी में एडमिट होते हैं तो आप के इलाज के दौरान जितना भी खर्च आता है  वह रकम आपकी इंश्योरेंस कंपनी कैशलेस तरीके से उस अस्पताल को दे देती है।

Reimbursement benifit

इसका अर्थ होता है कि यदि आप किसी ऐसे अस्पताल में एडमिट होते हैं जोकि उस कंपनी के नेटवर्क लिस्ट में नहीं है जिस कंपनी से आपने हेल्थ इंश्योरेंस लिया है तब आपको उस अस्पताल में, आप के इलाज के दौरान होने वाले खर्च का भुगतान स्वयं ही करना होगा वहां पर आपकी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी डायरेक्ट लिए उस अस्पताल को पेमेंट नहीं करेगी।

उस अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद आपको अपने इलाज के दौरान हुए खर्च का  बिल यानी हॉस्पिटल बिल, दवाइयों का बिल, जांच आदि का बिल एवं उसके साथ अपने बैंक का पर्सनल चेक आदि कंपनी में सबमिट करना होता है एवं उसके बाद 30 दिन के अंदर क्लेम हो जाने पर कंपनी द्वारा आपके अकाउंट में उस रकम का भुगतान कर दिया जाता है। यानी इसमें आपको इलाज के दौरान होने वाले खर्च का भुगतान स्वयं के पैसों से करना होता है जो कि बाद में कंपनी द्वारा आपको दिया जाता है।

हेल्थ इंश्योरेंस लेने के लिए उम्र कितनी होनी चाहिए?

यदि आप एक हेल्थ इंश्योरेंस खरीद रहे हैं तो उसके लिए आपके न्यूनतम आयु 18 वर्ष की होनी ही चाहिए एवं अधिकतम आपकी आयु 65 वर्ष की हो सकती है। एवं यदि आप फैमिली फ्लोटर इंश्योरेंस लेते हैं तो इसमें आप ज्यादा से ज्यादा 3 बच्चों को ही समाविष्ट कर सकते हैं।

हेल्थ इंश्योरेंस में क्या-क्या cover होता है?

आपको अपने हेल्थ इंश्योरेंस से किस किस प्रकार की सुविधा दी जाएगी यह निर्भर करता है आपके sum insured पर। यानी आपने कुल कितने का हेल्थ इंश्योरेंस लिया है जैसे दो लाख, तीन लाख,  पांच लाख, इत्यादि। 

Room rent यानी आपने अस्पताल में जो कमरा लिया है उसका किराया। यह निर्भर करता है कि आपका कुल sum insured कितना है।

डॉक्टर की फीस, सर्जन की फीस, medical charge, nursing charge, medicine charge, ऑपरेशन फीस, ऑक्सीजन चार्ज आदि जैसे होने वाले अन्य प्रकार के खर्च आपके हेल्थ इंश्योरेंस में कवर होते हैं।

एंबुलेंस चार्ज यानी किसी प्रकार की आपातकालीन स्थिति होने पर एंबुलेंस बुलाने पर जो खर्च आता है वह भी कंपनी द्वारा देय होता है।

Pre hospitalization खर्च

इसमें आपके हॉस्पिटल में भर्ती होने से पहले जो सारे खर्च होते हैं जैसे डॉक्टर से कंसल्ट विभिन्न प्रकार के जांच आदि जैसे सारे खर्च भी आपका हेल्थ इंश्योरेंस देता है।

Post hospitalization खर्च

यानी हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो जाने के बाद जो सारे खर्च होते हैं जैसे डॉक्टर से जो मेडिसिन प्रिसक्राइब करते हैं एवं अन्य कोई जांच आदि का खर्च भी आपका हेल्थ इंश्योरेंस कवर करता है।

Health checkup

आप जिस कंपनी का हेल्थ इंश्योरेंस खरीद रहे हैं वह कंपनी आपको आपके sum insured के आधार पर एक सालाना हेल्थ चेक अप भी उपलब्ध कराती है जिसमें आप अपने हेल्थ का परीक्षण करा सकते हैं एवं उस में होने वाले खर्च का व्यय भी आपकी  इंश्योरेंस कंपनी करती है।

No claim bonus

यदि आप भुगतान करने के बाद साल भर एडमिट नहीं होते हो तो आपका जो कुल sum insured है उसके आधार पर आपको एक बोनस मिलता है जोकि अलग-अलग plan के अनुसार अलग-अलग होती है।

Income tax benefit

हेल्थ इंश्योरेंस pay करने पर आपको इनकम टैक्स में भी बेनिफिट मिलता है यानी आप सालाना जो प्रीमियम भरते हो उसके अनुसार आपको इनकम टैक्स में छूट मिलती है। Section 80D के अंदर इसका प्रावधान है।

Terms and conditions/waiting period

शुरुआत में वेटिंग पीरियड 30 दिन की होती है यानी 30 दिन के बाद आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी शुरू हो जाती है तब आप इसका लाभ ले सकते हैं।

किसी भी प्रकार की सर्जरी का ऑपरेशन का लाभ आप अपने हेल्थ इंश्योरेंस से 24 महीने के बाद ही ले सकते हैं यानी आपके हेल्थ इंश्योरेंस लेने के 24 महीने यानी 2 साल बाद इंश्योरेंस कंपनी किसी प्रकार की ऑपरेशन या सर्जरी के लिए भुगतान करता है। piles, harnia, हाथी जैसी बीमारियों के ऑपरेशन के लिए लाभ आप 24 महीने बाद ही ले सकते हैं।

इंश्योरेंस कंपनी अस्पताल का बिल तब ही देती है जब आप कम से कम 24 घंटे के लिए अस्पताल में एडमिट होते हैं। यानी यदि आपको कोई मामूली चोट या कम गंभीर चोट लगती है एवं अब 24 घंटे से कम अस्पताल में एडमिट रहते हैं तो उसके खर्च का भुगतान आपके हेल्थ इंश्योरेंस से नहीं होगा।

Pre exsisting desease यानी यदि आपको पहले से ही डायबिटीज आदि जैसी कोई बीमारी है तो उसके इलाज के लिए लाभ लेने के लिए वेटिंग पीरियड 48 महीने तक का हो सकता है। यह अलग-अलग कंपनी पर भी निर्भर करता है एवं आपने कितने का प्लान लिया है इस पर भी। कई कंपनियां इसके लिए 36 महीने का वेटिंग पीरियड भी रखती है।

Conclusion

मुझे उम्मीद है कि आज का हमारा टॉपिक हेल्थ इंश्योरेंस क्या है? (Health insurance kya hai) या हेल्थ इंश्योरेंस का मतलब क्या होता है? (Health insurance in hindi) आप लोगों को अच्छी तरह से समझ में आ गया होगा अगर इसके बावजूद भी आप लोगों को हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़ी किसी भी प्रकार का कोई प्रश्न आपके मन में है तो आप हमें कमेंट में पूछ सकते हैं?

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