समूहवाचक संज्ञा किसे कहते हैं?

आज के इस आर्टिकल में हम समूहवाचक संज्ञा क्या है? समूहवाचक संज्ञा किसे कहते हैं? समूहवाचक संज्ञा के कितनेेेे भेद होते हैं? इसके बारे में जानेंगे।

किसी भी भाषा के लिए सबसे ज्यादा जरूरी होती है उसके नियमों को जानना हिंदी भाषा के नियमों का व्याकरण करते हैं।आज हम अपने व्याकरण के बहुत ही महत्वपूर्ण विषय के बारे में और बिंदु के बारे में जानेंगे आज हम संज्ञा के भेद समूहवाचक संज्ञा के बारे में जानेंगे आज इस आर्टिकल में हम समूहवाचक संज्ञा क्या है? समूहवाचक संज्ञा किसे कहते हैं?समूहवाचक संज्ञा की परिभाषा क्या है इन सब के बारे में विस्तार से जानेंगे।

समूहवाचक संज्ञा को हम समूहवाचक संज्ञा के उदाहरण के द्वारा समझेंगे इस आर्टिकल में मैं आपको समूहवाचक संज्ञा को बहुत ही सरल शब्दों के द्वारा बताऊंगा अगर आप भी समूहवाचक संज्ञा क्या है? समूहवाचक संज्ञा की परिभाषा क्या है? इसके बारे में जानना चाहते हैं तो हमारे इस आर्टिकल को पूरा ध्यान से पढ़ें।

समूहवाचक संज्ञा किसे कहते हैं?

समूहवाचक संज्ञा एक संज्ञा का भेद है जिसका उपयोग हम समूह को प्रदर्शित करने के लिए करते हैं। समूहवाचक संज्ञा को अंग्रेजी में collective noun कहते हैं।

समूहवाचक संज्ञा की परिभाषा

समूहवाचक संज्ञा ऐसे शब्दों को कहते हैं जिनके जरिए हम किसी व्यक्ति वस्तु या जानवरों के समूह की जानकारी मिलती है समूहवाचक संज्ञा को समुदायवाचक संज्ञा भी कहा जाता है।

जैसे कि: भीड़ सेना सभा झुंड टीम इत्यादि समूहवाचक संज्ञा होते हैं।

ऐसे शब्द जिसके जरिए हमें दो या दो से अधिक चीजों की जानकारी होती है जिससे मैं किसी समूह का बोध होता है ऐसे शब्दों का समूह वाचक संज्ञा कहते हैं।

समूहवाचक संज्ञा कितने प्रकार के होते हैं?

समूहवाचक संज्ञा को दो आधार पर रखा गया है पहला  व्यक्तियों का समूह जैसे की भीड़ सभा गिरोह सेना टीम टुकड़ी कक्षा इत्यादि व्यक्तियों का समूह आता है जबकि दूसरा वस्तुओं का समूह होता है जैसे कि पुस्तके कलमें गुच्छा कुंज पुस्तकालय मंडल कुर्तियां गाड़ियां इत्यादि वस्तुओं का समूह है।

  • फलों के समूह को क्या कहा जाता है।
  • सैनिक के समूह को टुकड़ी और सेना कहा जाता है।
  • भीड़ ऐसे समूह का बोध कराता है जिसमें अज्ञात लोग एक साथ जुटे हुए हैं किसी भी विशेष कार्य को करने के लिए।

समूहवाचक संज्ञा का उदाहरण

किसी भी चीज को सीखने के लिए ज्यादा जरूरी होता है क्या मुझको उदाहरण को देखें उदाहरण के जरिए हम चीजों का अच्छे से सीखते हैं अब हम समूहवाचक संज्ञा के उदाहरण को जानेंगे उदाहरण के जरिए हम समूहवाचक संज्ञा को बहुत आसानी से याद रख सकते हैं और इसका इस्तेमाल हम अपने हिंदी व्याकरण में कर सकते हैं।

भारतीय सेना ने बाढ़ प्रभावित लोगों की बहुत ही बड़ी मदद की।

यहां पर सेना और लोगों समूहवाचक संज्ञा का बोध कराती है सेना सैनिकों के समूह का बोध कराती है जबकि लोगों उस गांव में रह रहे सारे व्यक्ति को कहते हैं।

भारतीय फुटबॉल टीम ने वर्ल्ड कप जीता।

यहां पर टीम शब्द समुदाय वाचक संज्ञा का बोध कराती है इनका मतलब उस मैच में खेल रहे सारे खिलाड़ियों के समूह से होता है यानी खिलाड़ियों के समूह को टीम कहा जाता है टीम का मतलब होता है कि एक साथ किसी कार्य को करना

मेरी कक्षा के सारे विद्यार्थी कल दिल्ली जा रहे हैं।

इस वाक्य में कक्षा एक समूहवाचक संज्ञा है कक्षा के जरिए हम अपने छात्रों के समूह को दर्शाते हैं जो कि एक ही स्तर पर पढ़ रहे होते हैं।

दिल्ली में किसानों ने किसी कानून को लेकर आंदोलन कियाा।

इस वाक्य में किसानों शब्द समूह का बोध कराती है यानी यहां पर किसानों एक समूह वाचक संज्ञा है जिसके जरिए हम दिल्ली में आंदोलन कर रहे हैं लाखों किसानों के समूह को दर्शा रहे हैं।

 शिक्षकों के द्वारा प्रदर्शनी का आयोजन।

 इस वाक्य में शिक्षकों शब्द शिक्षकों के समूह का बोध कराती है यानी कि यहां पर शिक्षकों एक समूह वाचक संज्ञा है जिसमें बहुत सारे शिक्षक मिलकर प्रदर्शनी का आयोजन करा रही है।

26 जनवरी को लाल किला में उपद्रवियों ने हंगामा किया।

 इस वाक्य में उपद्रवियों शब्द उपद्रव करने वाले लोगों के समूह को दर्शा रहा है यानी कि यहां पर उपद्रवियों समूहवाचक संज्ञा है जिसमें बहुत सारे लोग मिलकर लालकिला में उपद्रव मचा रहे हैं।

छात्रों ने मिलकर कॉलेज की साफ सफाई की।

 इस वाक्य में कॉलेज में पढ़ रहे छात्र के समूह को छात्रों दर्शाता है यानी कि छात्रों एक समूहवाचक संज्ञा है जिसके जरिए हम छात्र के समूह का बोध होता है।

हाथियों के झुंड ने गांव में तहलका मचा कर रखा है

इस वाक्य में झुंड हाथियों के समूह को दर्शा रहा है यानी की झुंड एक समूहवाचक संज्ञा है जिसके जरिए हमें हाथियों के समूह का बोध हो रहा है यहां पर हाथियों के झुंड ने गांव पर तहलका मचाया हुआ है यानी कि हाथी के समूह ने उस गांव में घुसकर सामानों का नुकसान कर रही है।

आज गाड़ियों का प्रदर्शन ही है

यहां पर गाड़ियों शब्द गाड़ी के समूह को प्रदर्शित करता है इसलिए गाड़ियों एक समूहवाचक संज्ञा है यानी की गाड़ियों के वजह से हमें गाड़ी के समूह का बोध होता है।

कल रात चोरों के गिरोह ने एक बहुत बड़ी चोरी को अंजाम दिया

इस वाक्य में गुरु शब्द चोरों के समूह को दर्शाता है यानी कि गिरोह एक समूहवाचक संज्ञा है जिसके जरिए हमें चोरों के समूह का बोध होता है।

क्या दो चीजों के समूह को हम समूह वाचक संज्ञा कर सकते हैं?

सबसे महत्वपूर्ण भाग दो चीजें कभी समूह का निर्माण नहीं करती है समूह का निर्माण के लिए 2 से अधिक चीजों की जरूरत होती है इसीलिए दो चीजों को एक साथ रखने से यह दो चीजों के शब्द से समूह वाचक संज्ञा का बोध नहीं होता है।

Conclusion 

आज इस आर्टिकल में हमने समूहवाचक संज्ञा के बारे में जाना है इस आर्टिकल में मैंने आपको समूहवाचक संज्ञा क्या है समूहवाचक संज्ञा किसे कहते हैं? समूहवाचक संज्ञा की परिभाषा क्या है? समूहवाचक संज्ञा का उदाहरण क्या है?

इस आर्टिकल को उदाहरण सहित बहुत ही सरल भाषा में समझाया है इस तरह के आर्टिकल लिखने का है कि उद्देश्य मैं आप तक बहुत ही सरल भाषा में हिंदी व्याकरण के विषयों की जानकारी पहुंचा सकूं। मुझे उम्मीद है कि  इस आर्टिकल पढ़कर आपको समूहवाचक संज्ञा बारे में अच्छी जानकारी मिली होगी अगर आप हमें कमेंट करके सकते हैं अगर आपको हमारा आर्टिकल पसंद आया तो हमारे जरूर करें और हमारे संबंधित कोई राय देना चाहते तो आप हमें कमेंट करके जरूर बताएं।

 धन्यवाद

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