मोनोसाइट (Monocytes) क्या है? | What is monocytes in hindi

आज इस आर्टिकल में हम मोनोसाइट क्या है? (What Is monocytes in hindi), मोनोसाइट क्या होता है? (Monocytes kya hota hai), मोनोसाइट कितना होना चाहिए इन सब के बारे में विस्तार से जानेंगे।

हम सभी के लिए अपने स्वास्थ्य से जुड़ी छोटी-बड़ी जानकारियों का होना बहुत जरूरी है फिर डॉक्टर को ही इन जानकारियों का होना जरूरी नहीं है अगर हमें अपने स्वास्थ्य जुड़ी जानकारियां होंगी तो हम अपने खान-पान का ध्यान अच्छे से रखेंगे जिससे कि हम अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान अच्छी तरह रख पाएंगे क्योंकि हमारा स्वास्थ हमारे खान-पान से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ हम जिस तरह का खाना खाते हैं वह हमारे स्वास्थ्य पर प्रभाव डालता है इस आर्टिकल में हम अपने स्वास्थ्य से जुड़ी एक बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी को जानेंगे इस आर्टिकल में मोनोसाइट्स के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी को जानेंगे।

मोनोसाइट क्या है? मोनोसाइट्स कितना होना चाहिए मोनोसाइट कम होने के कारण क्या है? मोनोसाइट्स को कैसे बढ़ाएं? मोनोसाइट कम होने के कारण क्या होता है? इन सब के बारे में विस्तार से जानेंगे अगर आप भी मोनोसाइट्स के बारे में जानना चाहते हैं हमारे साथी कल को पूरा ध्यान से पढ़ें।

मोनोसाइट क्या है? (Monocytes kya hai)

What is monocytes in hindi

सबसे पहले हम मोनोसाइट क्या है इसके बारे में जानेंगे मोनोसाइट सफेद रक्त कोशिकाओं का एक भाग है। monocytes सफेद रंग के होते हैं और उनके अंदर nucleus रहता है। monocytes हमारे शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण कितना है यह सफेद रक्त कोशिकाओं में पाया जाता है उनका काम होता है कि यह हमारे शरीर को bacteria और germ से बचाए।

मोनोसाइट्स differential leukocyte के भाग होते हैं। मोनोसाइट्स सबसे बड़े ल्यूकोसाइट होते हैं।monocyte amoeboid की तरह दिखते हैं। मोनोसाइट का आकार bean-shaped और liver-shaped का होता हैजैसा कि मोनोसाइट्स सफेद रक्त कोशिकाओं का भाग है यह हमारे शरीर को बाहरी इंफेक्शन बैक्टीरिया वायरस से बचाता है क्योंकि सफेद रक्त कोशिकाएं हमारे शरीर को इन सब चीजों से बचाती है।

जब हमारे शरीर में किसी प्रकार का चोट लगता है तब हम देखने के उस पर एक सफेद रंग के कोशिकाओं का थक्का जम जाता है जिसके कारण इसमें रक्त का बहाव कम हो जाता है।इन सफेद कोशिकाओं का काम होता है कि यह हमारे घाव को बाहर के इंफेक्शन बैक्टीरिया से बचाएं और इन सफेद कोशिकाओं में भी मोनोसाइट पाए जाते हैं उन्होंने सभी काम यही होता है हमारे शरीर को बाहरी इंफेक्शन से बचाए। मोनोसाइट्स का मुख्य कार्य यह है कि यह हमारे शरीर की immunity power को बढ़ाती है।

मोनोसाइट कितना होना चाहिए? (monocytes kitna hona chaiye)

मोनोसाइट कितना होना चाहिए?

Absolute monocyte count in Hindi – मोनोसाइट क्या है यह जानने के बाद हमें यह भी जानना जरूरी है कि हमारे सफेद रक्त कोशिकाओं में मोनोसाइट कितना होना चाहिए? यह संख्या अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों के लिए अलग अलग होती है।अब हम इनके बारे में जानेंगे कि बच्चों में मोनोसाइट कितना होना चाहिए युवाओं में मोनोसाइट कितना होना चाहिए और बुजुर्ग लोगों में मोनोसाइट्स कितना होना चाहिए?

  • युवा यानी वयस्क और बुजुर्ग जिनकी उम्र 40 साल से ज्यादा है ऐसे लोगों में मोनोसाइट की संख्या की रेंज 0.2 से .95*10³ per microliter of blood होती है।
  • नवजात बच्चे जिनकी उम्र 6 महीने से लेकर 1 साल के बीच होती है उनके सफेद रक्त कोशिकाओं में मोनोसाइट की संख्या की रेंज 0.6*10³ per microliter of blood होती है।
  • बच्चे जिनकी उम्र 4 साल से लेकर 10 साल के बीच होती है उनके सफेद रक्त कोशिकाओं में मोनोसाइट की संख्या की रेंज 0.0 to 0.8*10³ per microliter of blood होती है।

मोनोसाइट्स कम होने से क्या होता है? (Monocytes kam hone se kya hota hai)

हमने हमने यह जाना कि मोनोसाइट्स हमारे शरीर के लिए कितना महत्वपूर्ण है।अब हम यह जानेंगे कि मोनोसाइट कम होने से क्या होता है? हम कैसे जानेंगे कि मोनोसाइट हमारे शरीर में कम है इसके क्या लक्षण हैं। मोनोसाइट कम होने के कारण निम्नलिखित परेशानियां होती हैं:

  • नाक से पानी आना
  • ठंड लगना
  • घाव और चिरा जल्दी से ठीक ना होना और उसमें मवाद हो जाना
  • खांसी और अधिक थूक आना
  • शरीर दर्द करना
  • सर दर्द करना
  • त्वचा में लालपन और सूजन होना
  • बुखार आना

मोनोसाइट कम होने के लक्षण नहीं हैं अगर आपको यह परेशानी आ रही हैं तो आपने मोनोसाइट की कमी हो सकती है तो आप जल्दी किसी डॉक्टर के पास हैं और उसे सलाह लें।

मोनोसाइट्स कम होने के कारण क्या है? (Monocytes kam hone ke karan)

मोनोसाइट्स कम होने के कारण क्या है?

मोनोसाइट कम होने से क्या क्या होता है इसके बारे में हमने जाना अब हम जानेंगे कि मोनोसाइट कम होने के कारण क्या है?अगर हमें इसके कम होने के कारण के बारे में पता होगा तो हम इसका इलाज अच्छे से कर पाएंगे और अपने शरीर में मोनोसाइट की मात्रा को सामान्य कर पाएंगे। इसलिए अब हम मोनोसाइट्स कम होने के कारण के बारे में जानेंगे निम्नलिखित कारणों के कारण मोनोसाइट में कमी आती है:

  • HIV जैसी गंभीर बीमारियों के कारण भी मोनोसाइट्स में कमी आती है।
  • कुछ दवाइयां और एंटीबायोटिक का अधिक उपयोग करने के कारण भी मोनोसाइट्स में कमी आती है।
  • किसी प्रकार के गंभीर संक्रमण से भी शरीर में मोनोसाइट की कमी हो जाती है
  • लीवर और स्क्रीन जैसे रोगों के कारण भी monocytes में कमी आती है
  • रेडिएशन के कारण विमान सच में कमी आती है लिंफोमा auto immune के विकार के कारण भी मोनोसाइट्स में कमी आती है
  • अस्थि मज्जा विकार और उसने क्षति के कारण भी

इन कारणों की वजह से ही मोनोसाइट्स में कमी आती हैं यह ऐसी बीमारियां हैं जो कि आपके शरीर में मोनू काश की कमी उत्पन्न कर देती है।

मोनोसाइट्स कैसे बढ़ाए? (Monocytes badhane ke upay)

मोनोसाइट्स कैसे बढ़ाए?

Low monocytes treatment in Hindi आपके शरीर में मोनोसाइट की कमी हो जाती है तो आप अपने सिर में मोनोसाइट्स कैसे बढ़ा सकते हैं अब हम जानेंगे मोनोसाइट पड़ने के उपाय के बारे में कि हम क्या करके मोनोसाइट को सामान्य कर सकते हैं जिससे कि हमारे सर में मोनोसाइट की कमी दूर हो जाए।

  • लाल शिमला मिर्च
  • बादाम
  • दही
  • पालक
  • अदरक
  • लहसुन
  • खट्टे फल

इन खाद्य सामग्रियों का सेवन करके हम मोनोसाइट को सामान्य कर सकते हैं अगर मोनोसाइट बढ़ जाते हैं तो भी हम इन्हें खाकर मोनोसाइट को सामान्य कर सकते हैं।

मोनोसाइट्स बढ़ने के लक्षण

अगर आपके रक्त में मोनोसाइट की मात्रा अधिक हो जाती है तो भी आप किस तरह में परेशानियां होती है।जिससे आपको बहुत सारे स्वास्थ्य परेशानियां आती हैं।अब हम मोनोसाइट्स बढ़ने के लक्षण के बारे में जाने के लिए मोनोसाइट्स बढ़ने के निम्नलिखित लक्षण है:

  • सूजन
  • खांसी होना
  • छाती में दर्द
  • पेट दर्द
  • थकान
  • रात को पसीना आना
  • बुखार
  • वजन घटना

मोनोसाइट्स बढ़ने के लक्षण है अगर आपको यह सारी परेशानियां आ रही है तो आप सबसे पहले डॉक्टर के पास जाएं और अच्छे से अपनी जांच करवाएं तथा डॉक्टर की सलाह का पालन करें। और मोनोसाइट को सामान्य करने के लिए ऊपर दिए गए खाद्य सामग्रियों को भी खाएं।

मोनोसाइट्स बढ़ने के कारण क्या है?

हमने मोनोसाइट्स बढ़ने के लक्षण के बारे में जाना अब हम मोनोसाइट्स बढ़ने के कारण के बारे में जानेंगे कि मोनोसाइट्स बढ़ने के कारण क्या क्या है? निम्नलिखित कारणों से मोनोसाइट बढ़ते हैं।

  • मधुमेह diabetes
  • TB
  • मौसमी बुखार
  • तनाव
  • सूजन
  • auto immune disorder

इन कारणों की वजह से ऐसी बीमारियों की वजह से आपके शरीर में मोनोसाइट्स बढ़ जाती है।

Conclusion

आज इस आर्टिकल में हमने मोनोसाइट क्या है? मोनोसाइट कम होने के कारण क्या होता है? मोनोसाइट कम होने के लक्षण क्या है? मोनोसाइट्स हमारे शरीर के लिए क्यों जरूरी है? monocytes बढ़ने के लक्षण क्या है? मोनोसाइट को सामान्य कैसे कर सकते हैं? इन सब के बारे में जाना है। इस आर्टिकल होने मोनोसाइट से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को जाना है। मुझे उम्मीद है कि आप को किस आर्टिकल के मोनोसाइट से जुड़ी बहुत अच्छी जानकारी मिलेगी अगर आपको हमारा आर्टिकल पसंद है तो हमारा आर्टिकल को शेयर जरूर करें और हमारा आर्टिकल कि तुम मुझे कोई राय देना चाहता कमेंट करके जरूर बताएं।

Disclaimer

इस आर्टिकल का उद्देश्य सिर्फ आप तक मोनोसाइट की जानकारी पहुंचाना है अगर आपको मोनोसाइट एक कमी के लक्षण दिख रहे हैं या मोनोसाइट्स पड़ने के लक्षण दिख रहे हैं तो आप अपनी किसी नजदीकी डॉक्टर से सलाह कर जरूर लें और उनके द्वारा सुझाए गए सुझाव को ही अपनाएं।

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