आईएएस (IAS) बनने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए? | IAS banne ke liye yogyata

आज हम जानेंगे कि आईएएस बनने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए? (IAS banne ke liye kya yogyata honi chahiye) अगर आप आईएएस बनने की सोच रहे हैं तो ऐसे में आईएएस बनने के लिए क्या क्वालिफिकेशन होनी चाहिए इसके बारे में हम विस्तार से जानेंगे।

UPSC यानी यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन इसके लिए हर वर्ष सिविल सर्विसेज की परीक्षा आयोजित करवाती है जो कि भारत की सबसे बड़ी परीक्षा होती है। यूपीएससी की परीक्षा पास करने के बाद ही आप एक एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर बनते हैं। यूपीएससी की परीक्षा आपको तीन चरणों में देना होता है जिसमें प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू शामिल है। प्रीलिम्स क्वालीफाई करने के बाद ही आप मेंस में बैठ सकते हैं। और अंत में आपका इंटरव्यू लिया जाता है।

आईएएस बनने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए?

छात्र जो सिविल सर्विसेज में रुचि रखते हैं उनके लिए यह जरूरी होता है कि उन्हें यूपीएससी के परीक्षा से संबंधित हर बात की जानकारी हो जैसे- यूपीएससी की परीक्षा में बैठने के लिए आपके पास कौन-कौन सी योग्यताएं होनी चाहिए। आज इस लेख में हम मुख्यता इसी बात पर चर्चा करेंगे ।

आईएएस बनने के लिए योग्यता?

  • उम्मीदवार भारत का नागरिक होना चाहिए
  • शैक्षणिक योग्यता
  • आयु सीमा/age limit (21 Year minimum)
  • Number of attempts

आइए एक-एक करके हम जानते हैं कि आईएएस बनने के लिए योग्यता क्या है?

1. उम्मीदवार भारत का नागरिक होना चाहिए

Civil services में, विशेषत: आईएएस और आईपीएस  के लिए उम्मीदवार का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है। भारत की नागरिकता सबसे पहली योग्यता चाहिए होती है। परंतु एडमिनिस्ट्रेटर के अंतर्गत अन्य सर्विसेस जैसे आईएफएस(IFS) यानी इंडियन फॉरेन सर्विस, एवं आईआरएस(IRS) यानी इंडियन रिवेन्यू सर्विस  आदि जैसे सर्विसेस में माइग्रेट उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं।

नेपाल भूटान एवं पाकिस्तान आदि जैसे जैसे देशों से जो  माइग्रेट होकर आए हैं, वे भी इन पदों के लिए एलिजिबल होते हैं। परंतु चूकी  आईएएस और आईपीएस सिविल सर्विसेस में प्रमुख सर्विसेज होते हैं इसीलिए इनके लिए भारत की नागरिकता एक अनिवार्य क्राइटेरिया होती है।

2. शैक्षणिक योग्यता

सिविल सर्विसेज के क्षेत्र में जाने के लिए 10वीं या 12वीं के परसेंटेज कोई मायने नहीं रखते हैं। सिविल सर्विसेज यानी यूपीएससी की परीक्षा में बैठने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता ग्रेजुएशन है। आपने दसवीं के बाद किसी भी स्ट्रीम में किसी भी विषय का चुनाव किया हो और उसमें सिर्फ पास होने पर भी आप यूपीएससी की परीक्षा के लिए एलिजिबल हो जाते हैं।

अगर आपने बीएससी, बी कॉम, बीए, बीबीए,  बीसीए इंजीनियरिंग,  मेडिकल या कोई भी डिग्री कोर्स किया है तो आप यूपीएससी की परीक्षा के लिए एलिजिबल है। अपने किसी भी विषय में मिनिमम मार्क्स के साथ अगर अपना ग्रेजुएशन पूरा कर लिया है तो आप इस परीक्षा के योग्य हो जाते हैं साथ ही लास्ट ईयर या लास्ट सेमेस्टर के छात्र भी यूपीएससी की परीक्षा का फॉर्म भर सकते हैं। आपके ग्रेजुएशन के मार्क्स मायने नहीं रखते बल्कि यूपीएससी की परीक्षा में आप कितने अंक लाते हैं यह जरूरी होता है।

3. आयु सीमा/age limit

दोस्तों यूपीएससी की परीक्षा में बैठने के लिए उम्मीदवार का कम से कम 21 साल का होना अनिवार्य है, 21 साल से कम उम्र का उम्मीदवार इसके लिए आवेदन नहीं कर सकता,  वहीं बात की जाए अधिकतम आयु सीमा की तो सामान्य वर्ग के लिए यह 32 वर्ष तक की होती है यानी सामान्य वर्ग के होने पर 32 वर्ष के बाद आप यूपीएससी की परीक्षा में नहीं बैठ सकते।

SC ST यानी  अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के उम्मीदवारों को 5 वर्ष के की छूट दी जाती है यानी उनके लिए अधिकतम आयु सीमा 37 वर्ष की हो जाती है। एवं OBC यानी अन्य पिछड़ा वर्ग को इसमें 3 वर्ष की छूट दी जाती है यानी OBC कैटेगरी से बिलॉन्ग करने पर आप 35 वर्ष की आयु तक यूपीएससी की परीक्षा में बैठने के लिए एलिजिबल रहते हैं।

जम्मू कश्मीर में, इसमें उम्मीदवारों को 5 वर्ष की अतिरिक्त छूट मिलती है यानी जम्मू कश्मीर के होने पर सामान्य वर्ग से होने पर भी यूपीएससी की परीक्षा में बैठने के लिए आपकी अधिकतम आयु सीमा 37 वर्ष की होती है। जिससे जम्मू कश्मीर के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों की अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष की हो जाती है।

4. Number of attempts

दोस्तों अगर बात करें number of attempts यानी आप कितनी बार यूपीएससी की परीक्षा में बैठ सकते हैं, तो सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए ज्यादा से ज्यादा आप 6 अटेम्प्ट्स (attempts) दे सकते हैं, वहीं अगर 6 attempts देने से पहले ही आपकी  आयु 32 वर्ष की हो जाती है तो उसके बाद आप  इस परीक्षा में नहीं बैठ सकते हैं।

OBC यानी अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के लिए ज्यादा से ज्यादा  9 attempts दिए जा सकते हैं, एवं इनके लिए भी अगर 9 attempts से पहले ही इनकी 35 वर्ष की आयु पूरी हो जाती है तो उसके बाद यह भी इस परीक्षा में नहीं बैठ सकते हैं। वही sc-st यानी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के लिए अटेम्प्ट्स की कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई है उनकी अधिकतम आयु यानी 37 वर्ष पुरे होने तक वे यूपीएससी की परीक्षा में बैठ सकते हैं।

वहीं जम्मू-कश्मीर जैसे राज्य के होने पर हर वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा बढ़ती है और उसी के साथ साथ number of attempts भी उसी अनुसार बढ़ते हैं। सिर्फ आवेदन करने से आपका नंबर ऑफ अटेम्प्ट्स नहीं गिना जाता है, प्रीलिम्स की परीक्षा में बैठने के बाद ही वह अटेम्प्ट गिना जाता है। यदि आप सिर्फ आवेदन करके प्रीलिम्स की परीक्षा देने नहीं  गए तो आपका वह attempt नहीं गिना जाएगा।

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आईएएस की परीक्षा कैसे होती है?

यूपीएससी की परीक्षा आप तीन चरणों में देते हैं जिनमें प्रीलिम्स, मैंस, और इंटरव्यू आते हैं पहले चरण में आपको प्रिंस की परीक्षा देनी होती है जिसमें दो पेपर  देने होते हैं और दोनों 200 अंक के होते हैं। हर वर्ष यूपीएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली इस परीक्षा के लिए लाखों छात्र आवेदन करते हैं जबकि सिर्फ कुछ लाख छात्र हैं प्रीलिम्स की परीक्षा देने पहुंचते हैं।

प्रीलिम्स क्वालीफाई करने के बाद आप मेंस की परीक्षा में बैठ सकते हैं एवं मेंस में उत्तीर्ण होने के पश्चात आपको इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। यूपीएससी की परीक्षा को भारत की सबसे बड़ा परीक्षा मानी जाती है,  इसे क्रैक करने के लिए आपको कठिन परिश्रम करने की आवश्यकता होती है।  इसका सिलेबस बहुत ही विस्तारित होता है, जिसके लिए गहन अध्ययन की आवश्यकता होती है।

Conclusion

दोस्तों आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) आदि जैसे पद बहुत ही सम्माननीय और रुतबे वाले पद होते हैं। बहुत से युवा आज के समय में एक आईएएस या आईपीएस ऑफिसर बनना चाहते हैं। छात्र जो administrative क्षेत्र में एक ऑफिसर के रूप में अपना करियर बनाना चाहते हैं, वे सिविल सर्विसेज की परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।

IAS जिसमें कमिश्नर, डेप्युटी कमिश्नर आदि जैसे पद आते हैं एवं IPS जिसमें एसपी और डीएसपी आदि जैसे पद आते हैं। छात्र जो कहते हैं कि वह आईएससी या आईपीएस की तैयारी कर रहे हैं, असल में वे सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे होते हैं जिसमें आईएएस आईपीएस के अलावा IRS,IFS आदि जैसे अन्य 24 तरह के सर्विसेस होते हैं।