उर्दू भाषा की लिपि क्या है? | Urdu Bhasha ki lipi kya hai

Introduction

दोस्तों आज हम पढ़ेंगे उर्दू भाषा की लिपि क्या होती है? (Urdu Bhasha ki lipi kya hai) उर्दू भाषा की उत्पत्ति कैसे हुई?, उर्दू शब्द का मतलब क्या होता है? और उर्दू भाषा में किस-किस ने अपना साहित्य लिखा है?

उर्दू भाषा की लिपि क्या होती है?

उर्दू भाषा की लिपि नस्तालीक होती है। नस्तालीक लिपि को इस्लामी कैलीग्राफी में लिखा जाता है। यह लिपि दाएं से बाएं की ओर लिखी जाती है यह लिपि अरबी फारसी लिपि का ही एक रूप है। इस लिपि का प्रयोग उर्दू और फारसी भाषा को लिखने के लिए होता है। यह अबजद प्रकार की लिपि होती है।

अबजद का मतलब क्या होता है?

अबजद एक प्रकार की लिपि है जिसमें स्वर का प्रयोग नहीं होता है इसमें केवल व्यंजन ही होते हैं। 

अबजद लिपि को लिखने के लिए स्वर का अनुमान पाठक को खुद ही लगाना पड़ता है।

उर्दू के साथ-साथ फारसी और पंजाब की कुछ बोलियो को भी नस्तालिक लिपि में लिखा जाता है। 

नस्तालीक लिपि का जन्म कब हुआ और इस लिपि का प्रयोग ज्यादातर किन क्षेत्रों में किया जाता है?

नस्तालिक लिपि का जन्म 14 वीं या 15वीं शताब्दी को ईरान में हुआ। इस लिपि का प्रयोग ज्यादातर दक्षिण, एशिया ,ईरान और तुर्की के कई क्षेत्रों में किया जाता है।

उर्दू भाषा की उत्पत्ति कैसे हुई?

उर्दू भाषा हिंदी यूरोपीय के उपशाखा हिंदी ईरानी की उपशाखा हिंदी आर्य भाषा से संबंधित है। 

हिंदी आर्य भाषा किसे कहते हैं?

जिस भी भाषा का निर्माण संस्कृत भाषा से हुआ है वह हिंद आर्य भाषा कहलाती है अर्थात हिंद आर्य भाषा उसे कहते हैं जो भाषा संस्कृत से जन्मी है। बहुत सी ऐसी भाषा है जो हिंदू आर्य भाषा कहलाती है जैसे पंजाबी, हिंदी, उर्दू आदि।

उर्दू और अरबी फारसी भाषा में ज्यादातर संस्कृत के तद्भव शब्द होते हैं इनमें तत्सम शब्द की संख्या बहुत कम होती है।

उर्दू भाषा संस्कृत और अरबी फारसी भाषा का ही स्वरूप है।

उर्दू शब्द कहां से आया?

उर्दू शब्द तुर्की भाषा से आया है भारत में उर्दू शब्द तुर्को के द्वारा ही लाया गया है।

उर्दू शब्द का अर्थ क्या होता है?

उर्दू शब्द का अर्थ होता है:-शाही शिविर या खेमा 

वर्तमान में उर्दू भाषा ने बहुत ऊंचा स्थान ग्रहण कर लिया है। यह पाकिस्तान की राष्ट्रीय भाषा कहलाती है और जम्मू और कश्मीर की प्रशासनिक भाषा कहलाती है। साथ ही यह तेलंगाना, बिहार, दिल्ली की शासकीय भाषा है। 

भारत में उर्दू भाषा बोलने वालों की कितनी संख्या है?

भारत में उर्दू भाषा बोलने वालों की संख्या कम से कम 6 करोड़ हैं। पाकिस्तान में भी ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो उर्दू भाषा बोलते हैं।

ज्यादातर उर्दू भाषा का प्रयोग शायरी , दोहे ,चार पहिए,गजल और शीर्षक लिखने में किया जाता है।

उर्दू भाषा की कौन-कौन सी उपभाषाएँ हैं?

रेख़्ता,हिंदी ,खड़ी बोली और दक्खिनी उर्दू भाषा की प्रसिद्ध उपभाषा है। उर्दू भाषा के साथ-साथ इन भाषाओं का भी उपयोग बहुत ज्यादा किया जाता है।

  • रेख़्ता- यह एक हिंदुस्तानी भाषा है। जिसे हिंदी और उर्दू भाषा की प्रारंभिक भाषा माना जाता है। यह भाषा देवनागरी और फारसी अरबी लिपि दोनों में ही लिखी जाती है।
  • हिंदी- हिंदी भाषा के मानकीकृत रूप को मानक हिंदी कहा जाता है। इसे भारत में एक आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया गया है इतना ही नहीं बल्कि यह विश्व की एक प्रमुख भाषा है। 

हिंदी भाषा में अधिकतर संस्कृत के तत्सम और तद्भव शब्दों का प्रयोग किया गया है लेकिन देखा जाए तो इस भाषा में अरबी फारसी के शब्द न के बराबर है।

  • खड़ी बोली- यह हिंदी भाषा का ही एक रूप है। इसे हिंदुस्तान की भाषा होने का गौरव प्राप्त हुआ है। 

खड़ी बोली में से संस्कृत के कुछ शब्द को हटाकर वर्तमान हिंदी की सृष्टि की गई।

इसी तरह खड़ी बोली में अरबी और फारसी के शब्दों को बढ़ाकर उर्दू भाषा की सृष्टि की गई।

  • दक्खिनी- यह उर्दू भाषा की अहम बोली है।

यह हिंदुस्तान में बोली जाती है इसे हिंदी भाषा का पूर्व रूप माना जाता है।

ऐसी कौन कौन सी जगह है जहां उर्दू भाषा को बोला जाता है?

उर्दू भाषा का प्रचलन भारत के साथ साथ कई बाहरी देशों में भी होने लगा है।

यह भाषा पाकिस्तान ,अफगानिस्तान, भारत, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी ,कनाडा ,अमेरिका ,कजाकिस्तान आदि जगहों पर बोली जाती है।

उर्दू भाषा की व्याकरण किस से मिलती जुलती है?

उर्दू भाषा की व्याकरण पूरी तरह हिंदी भाषा से मिलती जुलती है और भी कई ऐसी भाषाएं हैं जिससे उर्दू भाषा की व्याकरण पूरी तरह मिलती है।

ऐसे कौन कौन से कवि है जिन्होंने अपना साहित्य उर्दू भाषा में लिखा है?

  • सन 1255 से 1325 के बीच में अमीर खुसरो ने उर्दू भाषा को हिन्दवी और देहलवी भाषा कहां था। उन्होंने इस भाषा में बहुत सारी पहेलियां, दोहे, चारपाइयां और शायरियां भी लिखी। यह फारसी के एक प्रसिद्ध शायर थे। उन्होंने कई भाषा को मिलाकर भी कुछ शायरियां लिखी है।
  • उर्दू भाषा का पहला गद्य “मेराजे आशिकी” ख्वाजा गेसू दराज के द्वारा लिखा गया।
  • मोहम्मद हुसैन की प्रसिद्ध रचनाएं खूब’ की ‘खूब तरंग’ तथा अमीन की ‘यूसुफ-जुलेखा’ यह दोनों ही रचनाएं देहलवी भाषा में की गई है।
  • उर्दू का पहला नाटक जिसका नाम “इन्द्र सभा” है। वह नाटक अमानत ने लिखी है।
  • नवाब वाजिद अली शाह ने 75 छोटी और बड़ी किताबें लिखी हैं जो कि पूरी उर्दू भाषा में है। 
  • नजीर अहमद का पहला उपन्यास “मिरातुल अरुस” उर्दू में 1839 में लिखा गया।

Conclusion

आज हमने पढ़ा कि उर्दू भाषा की लिपि क्या होती है ,उर्दू शब्द का क्या अर्थ है,कौन-कौन सी भाषा उर्दू भाषा की उपभाषा है, उर्दू भाषा किस से मिलती जुलती है,भारत में उर्दू भाषा बोलने वालों की कितनी संख्या है और ऐसी कौन कौन सी जगह  है जहां उर्दू भाषा बोली जाती है।

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