मणिपुर की राजधानी क्या है? Capital of Manipur in hindi

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मणिपुर की राजधानी क्या है?(Manipur ki rajdhani kya hai)

Manipur ki rajdhani

 मणिपुर राज्य की राजधानी इंफाल है।

भारत देश के उत्तर पूर्वी राज्य मणिपुर  की राजधानी इंफाल है। जो कि भारत सरकार द्वारा अनुसूचित स्मार्ट  नगरों में से एक है। यह सात पहाड़ियों से घिरा इस प्रदेश की व्यावसायिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। ब्रिटिश शासन  के अधीन होने से पहले यह मणिपुर के राजाओं का क्षेत्र हुआ करता था। बेहद खूबसूरत प्राकृतिक दृश्य, यहां के तैरते द्वीप, अनोखा वाइल्डलाइफ आदि मिलकर यहां की एक अलग पहचान बनाते हैं। घूमने से लेकर यहां अन्य कई प्रकार के कार्य किए जा सकते हैं।

मणिपुर की राजधानी का क्षेत्रफल एवं जनसंख्या

क्षेत्रफल एवं जनसंख्या में वर्ष 2011 की जनसंख्या जनगणना के अनुसार इंफाल शहर की कुल शहरी जनसंख्या 268243 है, एवं यहां के आसपास के उप शहरी इलाकों को मिलाकर जनसंख्या 414288 की हो जाती है। जनसंख्या के हिसाब से मणिपुर का यह शहर भारत का 169वां शहर है। जनगणना के आंकड़ों के हिसाब से शहर में लिंगानुपात 1052 है वही साक्षरता दर में यहां की औसत साक्षरता दर  90.8% की दर्ज की गई है। जो कि औसत राष्ट्रीय साक्षरता दर से अधिक ही है।

भूगोल एवं जलवायु में इंफाल मणिपुर मध्य जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है जोकि पूर्वोत्तर भारत में मणिपुर नदी की घाटी में समुद्र तल से 760 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इंफाल एक सुंदर शहर है जिसमें खूबसूरत घाटी और यहां का सुंदर परिदृश्य है। इस शहर को भारत देश के सबसे पुराने शहरों में से एक माना जाता है। वहीं जलवायु में यह शहर हर साल उष्णकटिबंधीय मानसून का अनुभव करता है। मौसम के दृष्टिकोण से भारत के उत्तर पूर्व का इंफाल एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। यहां का मौसम सुहावना रहता है। नवंबर महीने से अप्रैल महीने तक का समय या घूमने के लिए सबसे बेहतरीन होता है।

मणिपुर के राजधानी का आर्थिक महत्व

मणिपुर का इंफाल शहर उद्योग और व्यापार के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। यह एक प्रमुख व्यापार का केंद्र है, जोकि बुनाई से बने उत्पाद, पीतल व तांबे से बने सामान, तथा अन्य कुटीर उद्योगों के लिए जाना जाता है। शहर के मध्य में ख्वैरम बाजार है, जो देश का पहला ऐसा बाजार है जहां की ज्यादातर दुकानें महिलाएं द्वारा चलाई जाती है। यहां की बड़ी  दुकाने  केवल महिलाएं चलाती है। इसके अलावा यह शहर हस्तशिल्प से निर्मित वस्तुएं एवं हथकरघा के लिए भी जाना जाता है। मुख्य रूप से लघु और कुटीर उद्योग यहां ज्यादा हैं जो मिलकर अर्थव्यवस्था में अपना योगदान देते हैं। यह शहर अपने विभिन्न कलाओं और  शिल्पो जैसे पीतल कासे के बर्तन, बांस के उत्पाद, इसके साथ ही कृषि उत्पादों के लिए भी प्रसिद्ध है।

मणिपुर की राजधानी में शिक्षण व्यवस्था

शिक्षा के क्षेत्र में कई स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय हैं जो क्या के छात्रों को शिक्षा प्रदान करते है। यहां की साक्षरता दर काफी अच्छी है जिससे इस बात का पता चलता है कि यहां की शिक्षा व्यवस्था अच्छी तरह से संचालित की जाती है। शिक्षण संस्थान प्राइमरी स्तर से और उसके बाद उच्च स्तर की भी अच्छी शिक्षा प्रदान करते हैं।

मणिपुर की राजधानी का पर्यटन स्थल

पर्यटन के दृष्टिकोण से भी इंफाल में कई घूमने के सच्चे स्थल मौजूद है जिनमें

केबुल लमजाओ नेशनल पार्क जो कि राजधानी इंफाल से करीब 53 किलोमीटर की दूरी पर है। इसकी विशेषताओं में यह एक पानी पर तैरता हुआ पार्क है। यहां मणिपुर की स्थानीय प्रजाति का दुर्लभ हिरण जिसे संगाई हिरण कहते हैं वह पाया जाता है, यह नेशनल पार्क संगाई हिरणों का प्राकृतिक आवास है।

गोविंदाजी मंदिर जोकि वैष्णव पंथ को मानने वालों का एक प्रसिद्ध और पवित्र मंदिर है, जो कि मणिपुर के पहले के शासकों के महल के बगल में स्थित है। यह मंदिर पूजा अर्चना और आस्था का एक महत्वपूर्ण स्थान है जो कि अपने साधारण बनावट से आपको अध्यात्म से जोड़ता है।

ख्वैरमबंद बाजार, यदि आप  मणिपुर से यहां की ट्रेडिशनल हैंडलूम का सामान खरीदना चाहते हैं जिनमें कपड़े, बैग, शॉल और रोजमर्रा की वस्तुएं शामिल है तो आप तो आपको यह बाजार जाना चाहिए। यहां की बांस से बनी हैंड क्राफ्ट वस्तुएं भी प्रसिद्ध है।

लोकटक लेक और सेंद्रा द्वीप-  इंफाल से करीब 48 किलोमीटर की दूरी पर, लोकटक लेक(जो कि नार्थ ईस्ट का सबसे बड़ा मीठे पानी का लेक है) के बीचोबीच किसी उठे हुए पहाड़ की तरह सैंद्रा द्वीप स्थित है। यहां के कमाल के प्राकृतिक सौंदर्य के अलावा बोटिंग, कनोइंग एवं उन जैसे अन्य एडवेंचरस वाटर स्पोर्ट्स एक्टिविटीज के लिए भी यह जगह प्रसिद्ध है।

इंफाल के पोलोग्राउंड के पूर्वी ओर वीर टिकेंद्रजीत पार्क में खड़ी शहीद मीनार जोकि 1891 में ब्रिटिश सेना के विरुद्ध युद्ध के दौरान मणिपुरी शहीदों की याद में बनाया गया है।

इसके साथ ही यहां युद्ध स्मारक भी है, जहां द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान मारे गए भारतीय और ब्रिटिश सैनिकों की समाधिया और कब्रे हैं।

इन स्थलों के अलावा लंगताबाल जो कि भारत वर्मा सीमा से 6 किलोमीटर की दूरी पर है। 921 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एक सुंदर पिकनिक स्थल सिंगदा इंफाल से 16 मीटर की दूरी पर है। इंफाल का चिड़ियाघर विभिन्न प्रकार के जीव जंतु और वनस्पति के लिए प्रसिद्ध है।

मणिपुर की राजधानी में परिवहन व्यवस्था

परिवहन यानी यातायात में इंफाल शहर सड़क मार्ग और रेल मार्ग द्वारा भारत के विभिन्न  क्षेत्रों से अच्छी तरह जुड़ा है। इसके साथ ही वायु मार्ग में यहां एक हवाई अड्डा भी है, जहां से कई शहरों के लिए उड़ान भरी जाती है।

वायु मार्ग में इंफाल में हवाई अड्डा है जहां से कोलकाता तथा गुवाहाटी जैसे शहरों के लिए नियमित विमान सेवाएं उपलब्ध है। हवाई अड्डा शहर से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

सड़क मार्ग में यहां सड़कों की स्थिति काफी अच्छी है, सड़क के रास्ते से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। यहां के पड़ोसी शहरों जैसे गुवाहाटी, दिमापुर, अगरतला शिलांग, कोहिमा आदि से इंफाल भली-भांति सड़कों से जुड़ा है।

वहीं रेल मार्ग में मणिपुर का अपना कोई रेलवे स्टेशन नहीं है। सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन में दीमापुर और जीरीबाम का नाम आता है। दीमापुर रेलवे स्टेशन की दूरी यहां से लगभग 215 किलोमीटर की है। दीमापुर तक रेल से पहुंचकर आगे सड़क मार्ग से यहां पहुंचा जा सकता है जिसके लिए यातायात उपलब्ध होते हैं।

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